राइफलमैन संजय ने दुश्मन को उसकी ही बंदूक से उतारा था मौत के घाट

sanjayशौर्य गाथा में आज हम बात करेंगे अपने अदम्य साहस के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित राइफलमैन संजय कुमार की।

संजय कुमार जम्मू कश्मीर राइफल्स के साथ पोस्टिंग पर थे और उन्हें 4875 प्वाइंट के फ्लैट टॉप एरिया पर कब्ज़े की ज़िम्मेदारी दी गई थी। यह इलाका मुश्कोह घाटी का हिस्सा था और इस पर पाकिस्तान ने कब्जा कर रखा था। वे उनकी जान की परवाह किए बगैर रेंगते हुए दुश्मनों के बंकर तक पहुंच गए।

प्वाइंट 4875 पर राइफलमैन संजय कुमार की बहादुरी ने भारतीय सेना को आगे बढ़ने का आधार दिया था। 13 जैक राइफल के संजय कुमार प्वाइंट 4875 पर पहुंचे ही थे कि उनका सामना दुश्मन के आटोमैटिक फायर से हो गया।

टकराव इतना नजदीक से हुआ कि संजय कुमार तीन दुश्मनों के साथ गुत्थमगुत्था हो गए। हैंड टू हैंड फाइट में संजय कुमार ने तीनों को मौत के घाट उतार दिया। दुश्मन टुकड़ी के शेष जवान घबराहट में अपनी यूनिवर्सल मशीन गन छोड़कर भागने लगे। बुरी तरह से घायल संजय कुमार ने उसी यूएमजी से भागते दुश्मनों को भी ढेर कर दिया।

संजय कुमार की इस दिलेरी ने अन्य जवानों में नई जान फूंक दी। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के रहने वाले संजय कुमार को इसी अदम्य साहस के लिए परमवीर चक्र का सम्मान मिला।

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