6 गोली लगने के बाद भी पाक सेना पर भारी पड़े यादव, अकेले ही फहरा दिया तिरंगा

shaheedशौर्य गाथा में आज हम बात करेंगे कारगिल वार के हीरो ग्रेनेडियर योगेन्दर सिंह यादव की, जिन्होंने अकेले ही पाक सेना की पूरी बटालियन को झुकने पर मजबूर कर दिया।

ग्रेनेडियर योगेन्दर को सन् 1999 के कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता के प्रदर्शन के लिए सिर्फ 19 साल की उम्र में सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। योगेन्द्र यादव ने 6 गोलियां लगने के बाद भी पाकिस्तान के चार सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था।

ग्रेनेडियर योगेन्दर सिंह यादव घातक प्लाटून का हिस्सा थे, जिन्हें टाइगर हिल पर फिर से कब्जे की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी दी गई थी। किसी भी प्रकार के खतरे से बेपरवाह ग्रेनेडियर योगेन्दर ने इस खड़ा चढ़ाई पर जीत हेतु उन्होंने वहां तक रस्सी के सहारे जाने का फैसला लिया।

उनके इस बढ़ते कदम को देख कर दुश्मनों ने ग्रेनेड, रॉकेट और गोले-बारूद से हमला कर दिया. इसमें कमांडर और उनके दो साथियों की मौत हो गई। ऐसे वक्त में परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रेनेडियर योगेंदर रेंगते हुए आगे बढ़ते रहे और इस क्रम में उन्हें कई गोलियां भी लगीं। उनके इस साहस ने पूरी सैन्य टुकड़ी में ऊर्जा का संचार कर दिया और भारतीय सेना टाइगर हिल टॉप पर कब्ज़ा करने में सफल रही। उनके इस अदम्य साहस और जिजीविषा हेतु उन्हें परम वीर चक्र से नवाज़ा गया।

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